Category Archives: Volume 3 (November – December 2015)

संस्कृत व्याकरण की महत्ता उसकी उत्पत्ति बीज,एवं वर्तमान में उसका विकासात्मक स्वरूप

3. 
संस्कृत व्याकरण की महत्ता उसकी उत्पत्ति बीज,एवं वत्र्तमान में उसका विकासात्मक स्वरूप
वेदानन्द
 
16-18 
Sanskrit 

आचार्य शङ्कर कृत ब्रह्मसूत्र-अध्यासभाष्य : एक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण

 6.

   आचार्य शङ्कर कृत ब्रह्मसूत्र-अध्यासभाष्य : एक                              मनोवैज्ञानिक विश्लेषण                          डॉ० कपिल गौत्तम 

25-32 
Sanskrit 

उपमा का स्वरूप एवं ऋग्वेद में वर्णित उपमानभूत प्रमुख पशुओं का वैशिष्ट्य़

 9.

उपमा का स्वरूप एवं ऋग्वेद में वर्णित उपमानभूत
प्रमुख पशुओं का वैशिष्ट्य़
दुर्गा उपाध्याय ,प्रो. पुष्पा अवस्थी

39-42 
Sanskrit